तो आईये थोडा भगडा डाल ले, अजी लोहडी पर भगडा ही तो रोनक लगता हे, वो लिजिये ढोली भी आ गया...
पहाड़ की यादें: एक अनकही पीड़ा
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*"खंडहर होते मकान, अपनों की बाट जोहते खेत और परदेश में बस गई पहाड़
की जवानी। *
*उत्तराखंड के एक छोटे से गाँव से महानगर के शोर तक क...
11 hours ago

7 टिपण्णियां:
आपको भी बधाई और शुभकामनाएँ
वाह जी बल्ले बल्ले. Four minutes of pure gold. तुसीं ते लोहड़ी दियां रौणकां ला दित्तियां :)
आपको भी बधाई और शुभकामनाएं
बल्ले बल्ले जी............आपको भी बधाई और शुभकामनाएं.
धन्यवाद, शुभकामनाएं.
आपको भी लोहड़ी और मकरसंक्रांति की बहुत बहुत शुभकामनायें!
आपको भी बधाई और शुभकामनाएं! मेरा ब्लॉग ब्लॉग परिवार पर नजर क्यों
नहीं आ रहा है ?
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