'ए' और 'ऐ' के मुहावरों की काव्य-धारा / एकता और द्वंद्व -मुहावरों की जुबानी
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*एक आँख से सबको देखे,* जो न्याय की मूरत होता है,
पर *एक आँख न भाए* कोई, तो मन में शूल चुभता है।
जहाँ एकता की शक्ति हो, वहाँ *एक और एक ग्यारह* हैं,
पर *एक ही...
2 days ago

8 टिपण्णियां:
ha ha rochak...
bahut khub ek not ki yatra
bahut sundar sir, man taja ho gaya.
मजा आ गया जी ये वीडियो देखकर
प्रणाम
इसे कहते है चोरी का माल चंडाल खाए !
मजेदार वीडियो.
nice video....... bahut achchha laga
OH MY GOD HA HA HA
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