नमस्कार ब्लाग परिवार के सभी सद्स्यो को, आज हमे बहुत खुशी हो रही हे, इस ब्लाग परिवार की संख्या दिन रात बढ रही हे, हम ने तो सोचा भी नही था, आप सब का धन्यवाद, लेकिन अब इस जगह पहुच कर हमे एक दिक्कत आ रही हे, अब नये सद्स्य तो बहुत आ रहे हे, लेकिन किसी टेकनिकि कमी के कारण हम उन्हे एंटर नही कर पा रहे, पता नही क्या कारण हे, इस का एक सीधा सा ऊपाय यह हे कि आप लोगो के लिये एक नया रास्ता बना दिया हे, यानि एक इस से मिलता जुलता काम चलाऊ Aggregators आप वहां सभी लोग जो लोग अपना ब्लाग उस Aggregators मे शामिल करना चाहते हे, वहां दे दे, समय मिलते ही हम आप का ब्लाग खोल देगे,एक बार वहा आये ओर देखे ओर अपनी राय दे, हम कोई टेकनिकी ग्याण करता तो नही, लेकिन जितना कर सकते हे कर रहे हे, यह Aggregators हमारे अंतर सोहिल जी की मेहरबानी से मिला हे ओर इस की नींव भी उन्ही ने डाली हे, हां अगर आप लोगो मे कोई आई टी का पीसी का जान कार हो ओर हमे मदद दे सकता हे तो उस जनाब का स्वागत हे, चलिये अब आप यहां जाये ओर अपने ब्लाग का लिंक दे, ई मेल आई डी भी दे, ध्यान रहे आप का ई मेल आईडी किसी को पता नही चलेगा, धन्यवाद...यह रहा नये ब्लाग परिवार का पता यहां किल्क करे
आज से लगभग दो माह पहले हमने ऐसे ही एक टिप्पड़ी फॉर्म पर अपने ब्लॉग का लिंक दिया था ...और अपने ब्लॉग पर विजेट लगाकर खुश होते रहे कि हम भी ब्लॉग परिवार में शमिल हैं ... आज ऐसे ही अनायास देखने का मन हुआ तो सूची में अपना ब्लॉग न पाकर अच्छा नहीं लगा..खैर मैं पुनः निवेदन भेज रहा हूँ आशा है आप स्वीकार करेंगे .. http://anandkdwivedi.blogspot.in/
आदरणीय महोदय मैंने नया ब्लॉग http://ujbakvani.blogspot.com शुरू किया है आपसे सादर निवेदन है की मेरे ब्लॉग को आपके अर्थात हमारे ब्लॉग परिवार में शामिल करने की कृपा करें. धन्यवाद एवं आभार
अपने परिचय से अनजान
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सबका परिचय पाना चाहता है दिल
खुद अपने परिचय से घबराता है दिल
कितना झूठ , कितना धोखा , कितनी बईमानी
है हममे ........
हाँ इस पैमाने को अच्छे से जानता है दिल...
यात्रा संस्मरण - हरिद्वार ने मन मोह लिया ...
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विगत सप्ताह मैं हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी भ्रमण करने गया था की भारी गर्मी से
कुछ तो निजात मिलेगी . दिनाक 20 मई 12 को मैं अपनी पत्नी और छोटे भाई की बच्ची
मेघा...
कैसा मोह कैसी माया
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*कहीं कुछ टूट गया ***
*हुई चुभन इतनी ***
*सुकून भी खोने लगा** ***
*है उदास ***
* **नन्हों की बाँहें थामें ***
*डगर लंबी पार की ***
*कठिन वार जीवन में झेले...
बहुत दिनों से चाहर रहा हूँ लिखना एक कविता
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*बहुत दिनों से चाहर रहा हूँ लिखना एक कविता
मगर पूरी ही नहीं हो पा रही है यह कविता....
यह कविता भूखे लोगों की है
बेबस और कमजोर लोगों की है
यह कविता मेहनतकश...
पादप और जंतु -3 : प्रजनन में अंतर
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पिछले दो भागों में हमने पादपों और जंतुओं की शारीरिक संरचना और पोषण में फर्क को जाना, अब इस आखिरी भाग में हम इनमे प्रजनन प्रक्रियाओं पर एक तुलनात्मक अध्ययन क...
कर्दम ऋषि
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कर्दम ऋषि पिछली पोस्टों में हमने गंगा सागर यात्रा (लिंक) और कपिल मुनि
(लिंक) और सांख्य दर्शन (लिंक) बारे में चर्चा की। भागवत के अनुसार भगवान
कपिलदेव विष्...
सहगामिनी
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सहगामिनी हो जीवन-पथ की,
सहभागी एक-से स्वप्नों की,
हाँ, उसके सुरमयी स्वप्नों की
संचयिका बनना चाहता हूँ.
वो कहे तो मैं सजदे कर लूँ,
या खुद के घुटनों पे हो ...
# आज की हलचल बात बन गयी #
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शुभप्रभात .... !!
मंगल ही मंगल हो सबका .... !! हनुमान जी की कृपा बनी रहे .... !!
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मुझे मालूम नहीं ऐसा सपन...
मैं और मेरा ...
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मैं और मेरा संसार
अपूर्ण मेरी तरह
किस्म-किस्म के कायदे
तरह तरह की सीमायें
घेरों का शोर
टूटे तो तकलीफ
न टूटे तो
दम घुटता है ...
मैं और मेरा प्यार
मे...
अंधविश्वास की तिजारत और राजनीति
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-सनल इडामारूकू
जहाँ एक ओर समेले इडामरक्कू नामक तार्कितावादी, “धार्मिक विश्वासों को चोट
पहॅुचाने“ के आरोप में कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहे हंै वहीं दूसर...
भावनाओं में बहोगे तो पागलों सा लिखोगे....
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जब भी मुझे ठेस लगी, मय ने मुझे गले लगाया|
आज इक दोस्त बोलता है इसे छोड मेरे साथ चलो, नए दोस्तो के लिए पुराने रिश्तो
को तोड़ना कितना अच्छा है??????१५ जून २...
मैं लोगों के वेयूज़ लेकर क्या करूँगा |
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मैं लोगों के वेयूज़ लेकर क्या करूँगा |
जी हाँ हमरे बहुत से ब्लॉगर ऐसे हैं जो टिपण्णी पाने के लिए अजीब अजीब हथकंडे
अपनाते हैं |दिन भर दूसरों के लिख पे ...
उस अम्बे की जगदम्बे की करते हैं आराधना ;
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*[image: Maa Durga][image: Maa Durga]*
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*उस अम्बे की जगदम्बे की करते हैं आराधना ;*
*जिसके चरणों में सिर धरकर पूरी हो शुभकामना .*
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*मधु कैटभ ...
श्रवण कुमार आज भी हैं !
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* मैं जीवन को इतने करीब अकेले ही तो नहीं जीती हूँ हर इंसान के
आस-पास ऐसा गुजरता है। कुछ पढ़ने वालों को लगा
कि मैं सिर्फ नकारात्मक छवि ही ...
हँसी बहुत अनमोल
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*कर प्रयत्न राखें सभी, मन को सदा प्रसन्न,
जो उदास रहते वही, सबसे अधिक विपन्न।
गहन निराशा मौत से, अधिक है ख़तरनाक,
धीरे-धीरे जि़ंदगी, कर देती है ख़ाक।
वाद-...
चलते-चलते आखिरी सलाम हो जाए...(ग़ज़ल)
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इस जिंदगी के नाम इक जाम हो जाये
कुछ रात मयखाने में आराम हो जाये
हम उनसे ये कहकर घर से निकले थे
इंतजार ना करना चाहे शाम हो जाए
वो इतना हसीं है की गम न ह...
आध्यात्मिक विचार - 27-5-2012
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*"काम, क्रोध और लोभ" मनुष्य के तीन प्रमुख शत्रु होते हैं, जो मनुष्य क्रोध
और लोभ पर जीत हासिल कर लेता है तब "काम" उस मनुष्य का मित्र बन जाता है।*
*
*
*"लो...
शाम होते ही टल्ली हो जाता है अन्ना का गांव ...
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मुझे लगता था कि अब अन्ना के बारे में मैं बहुत लिख चुका हूं, बंद किया जाए
ये सब, क्योंकि अन्ना और उनकी टीम की असलियत लगभग सामने आ चुकी है, भ्रष्टाचार
को ल...
हाय राम, कैसे होगा ब्लॉगिंग का उत्थान...खुशदीप
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आजकल ब्लॉगिंग में दूसरों को उपदेश देने वालों की बाढ़ सी आ गई है...कोई
मर्यादा का पाठ पढ़ा रहा है...कोई टिप्पणी विनिमय का शिष्टाचार सिखा रहा
है.....
बहें, नदी सा
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बहने को तो हवा भी बहती है पर दिखती नहीं, जल का बहना दिखता है। न जाने कितने
विचार मन में बहते हैं पर दिखते नहीं, शब्दों का बहना दिखता है। कल्पना हवा की
तरह...
सामान्य ज्ञान
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आज एक वाकया हो गया. वैसे घर में तो तीन स्नानगृह/शौचालय है, मुझे ऊपर की
मंजिल में एकदम बड़े वाले में जाना अच्छा लगता है. एक तसल्ली होती है क्योंकि
मुंबई वाल...
नैनीताल ..भाग 2
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*नैनीताल की नैनी झील *
नैनीताल भाग 1 पढने के लिए यहाँ क्लिक करे ........
रात को 11बजे के बाद *अजमेर -रानीखेत *गाडी प्लेटफार्म पर आई
...पूरी तरह खच...
बलात्कार क्या महज एक शब्द हैं??
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very disgusting i must say and repulsive to read
I posted a comment , i am sure it will not be published . How can someone
be so insensitive
बलात्कार क्य...
मैं नारी
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मैं नारी,
कभी अबला कभी सबला,
कभी शक्ति स्वरुपा, कभी बेचारी
मैं नारी,
कभी माँ ,कभी बेटी बहन ,
कभी सहचरी बन ,रिश्ते निभाती
मैं नारी,
तृण-तृण चुन घर बसाती
नि...
एक युद्ध डायबीटिज से……… ललित शर्मा
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डॉ सत्यजीत साहू
जब से लोग सुविधाभोगी हुए हैं, तब से भारत में डायबीटिज रोगियों का तेजी से
प्रसार हो रहा है। ऐसा नहीं है कि डायबीटिज कोइ नया रोग है, चरक संहि...
प्रेरणादाता को आत्मीय श्रंधाजली
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*24 मई पुण्य तिथि पर एक स्मरण -बी पी सहाय साहब*
*स्व. बिलासपति सहाय साहब( पूनम के पिताजी ) को यह संसार छोड़े अब 12 वर्ष हो
गए हैं और 12 वर्षों का एक युग ...
ब्लॉगजगत कब तक सोता रहेगा ?
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[image: DSC00439]*हमारे समाज को बनाने में ऐसे लोगों की भूमिका हमेशा से अहम
रही है जो लोगों को सत्य और असत्य , सही और गलत ,बुरा और अच्छे का फर्क समझाते
रह...
वो जिसकी दीद में लाखों मसर्रतें पिन्हाँ
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*कुछ अजब सी फ़ुर्सत हुई आज कि पूरे दिन सुनी गयी ये आवाज़ *
*एक बड़े से ख़ाली दिन को लबालब भर गयीं आबिदा ...*
* *
*वो जिसकी दीद में लाखों मसर्रत...
nutrition in plants and animals
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पादपों और जंतुओं में पोषण
पिछले भाग में हमने देखा कि पादपों और जंतुओं के कोशिकाओँ और ऊतकों में क्या फर्क है । इस भाग में हम पोषण के फर्क और समानता को सम...
सम्राट विक्रमादित्य का साम्राज्य अरब तक था.
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शकों को भारत से खदेड़ने के बाद सम्राट विक्रमादित्य ने पुरे भारतवर्ष में ही
नही , बल्कि लगभग पूरे विश्व को जीत कर हिंदू संस्कृति का प्रचार पूरे विश्व
में ...
दिल की भटकन का .....क्या करे कोई ....
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गिराई तूने फ़लक से बिजली
नशेमन मैंने अपना खो डाला
अदावत तो हमारी आपस की थी
संग तुने क्यों दूसरों को धो डाला ||
---अकेला
उम्र सारी कट गई
दर्द की छाँव में...
song of heart
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I..
find you in every corner...
with every beat the heart ticks...
I..
ask the god to carry you along...
and so you are the ferry of this song.
tried to move...
भेडिये के कार्टून..
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*भेडिये के कार्टून..*
*गिरीश पंकज*
*कुछ नेता नहा-धो कर कार्टूनिस्टों के पीछे पड़ गए थे. वे बेचारे कार्टून बनाना
चाहते हैं. यह उनकी आदत है मगर नेता चाहते ...
नन्हे हाथों और तिक्ष्ण दिमाग का कमाल...
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*अब चोरी करने से पहले ही पकड़े जाएंगे चोर, *
*बज उठेगी मोबाइल घंटी...*
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*नगर में रहने वाले आठवीं के छात्र सूरज ने ...
मेरी चाहत !!!
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तोहफ़ा
देना चाहते हो
और मेरी चाहत
पूछते हो
तो सुनो
छोटी सी
चाहत है .......
नजरें तुम्हारी
अपने चेहरे पर
अरे नहीं ..
वो तो बसी रहे
बस ,मेरे मन में...
Application to Invite Lakme Girl by BA
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Note to Readers: Please leave aside all your intelligence, Knowledge on
English, Do not use spell checks.. read this as it is …. Proceed only if
yo...
सूचना के अधिकार अधिकार को वापिस लेने की साजिश
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मित्रों,वर्ष २००५ में जब अनलिमिटेड प्रोब्लेम्स एलायंस ने सूचना का अधिकार
लागू किया था तब सोनिया गाँधी एंड फेमिली फूली नहीं समा रही थी.उनकी तरफ से
बार-बार आ...
एहसास तुम्हारे होने का
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तुम चली गयी,
पर गयी नहीं,
एहसास तुम्हारे होने का।
दिल के खाली उस कोने का,
वो दर्द तुम्हारे खोने का।
गुमशुम हूँ,चुप हूँ,खोया हूँ,
एकाकीपन में रोया हूँ,
कभी श...
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"क्षितिजा की समीक्षा" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
* इन दिनों मेरे पास कई पुस्तकें विद्वान रचनाधर्मियों ने भेजी हुई हैं।
लेकिन मेरा कम्प्यूटर खराब ह...
सच्चा दोस्त
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सच्चा दोस्त मिले मुश्किल से,
कभी व्यर्थ न झगड़ा करना.
मिलजुल कर के साथ खेलना,
कभी न अपना तेरा करना.
धनी, गरीब, धर्म का अंतर,
कभी न तुम दीवार बनाना.
हो गरीब...
प्यार का ककहरा !
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थोड़ी सी बात हुई
चंद मुलाकात हुई
वे अपना मान बैठे
जाने क्या बात हुई
देखते आये थे जिसे
करने लगे ‘प्यार’ उसे
वे इसे ही समझ बैठे
जग समझे चाहे जिसे
प्यार में स...
डॉ0 सुरेश उजाला के हाइकु
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हुई खिन्नता
व्यक्ति-व्यक्ति में देख
भेद-भिन्नता।
भू पे आकर
पढ़े कबीर सिर्फ
ढ़ाई आखर।
पाते ही मौका
इंसान ने त्वरित
दिया है धोखा।
रहा है बेल
चकले पे आद...
मरी हुई उम्मीदे
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ये कैसे लोग दिख रहे हैं वतन में मेरे
नश्तर -से चुभोते हैं ये बदन पे मेरे।
किससे करे शिकायते थानेदार हैं वो-
कोहराम -सा मचा है अमन में मेरे।
कोई सुनता नही ...
ये है एक साहित्यकार की जिजीविषा...
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हो
सकता है कि आपने इंदरमन ‘साहू’ के बनाए हुए व्यंग्य-चित्र देखे हों, उनकी बाल कहानियाँ पढ़ी हों या
फिर उनके द्वारा सम्पादित बाल पत्रिका ‘बाल
मितान’ देखी ह...
जय मां, जय सिनेमा...जय संसद..Rohit
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दिन गुजरते हैं..लोग आते हैं...जाते हैं और इतिहास बनता जाता है। संसद
सत्र के साठ साल पूरे हुए.....सिनेमा भी सौ साल का हो गया....मदर्स डे भी गुजर
गया....
हिन्दी गीत - मौत की आहट ।
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*मौत की आहट ।*
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प्यारे दोस्तों,
मैं आज भी संगीत जगत में एक शिष्य ही हूँ, अतः बड़े ही विनम्र भाव से, मैं
मेरी एक गज़लनुमा गीत-रचना...
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती
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लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है।
...
गर्मी में ठंडक का अहसास
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*रजत हिम *
*सामग्रीः **– *
1. पनीर घर पर बना 100 ग्राम 2. कोडप्रेस्ड अलसी का तेल 45 एम.एल. 3.
उबाल कर ठंडा किया हुआ दूध 50 एम.एल. 4. प्राकृत...
शुक्रवार भजन... (शुक्र है..शुक्रवार है..#37)
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हे शुक्रवार भगवान..
हे शुक्रवार भगवान..
तू ही हंसाता, पिलाता तू ही है,
तू ही हंसाता, पिलाता तू ही है,
तू ही बस देता आराम..
हे शुक्रवार भगवान..
आई.टी. नौकर...
मेरा भारत मेरी शान - भारत में प्रथम
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*संकलनः मुकेश कैन *
भारतीय गणतंत्र के पहले राष्ट्रपतिडॉ. राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्रथम
प्रधानमंत्रीपंडित जवाहर लाल नेहरू भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले...
गर्मी (कविता) सन्तोष कुमार "प्यासा"
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(विभिन्न रंगों से रंगी एक प्रस्तुति, हालिया समय का स्वरूप, गर्मी का भयावह
रूप,)
जालिम है लू जानलेवा है ये गर्मी
काबिले तारीफ़ है विद्दुत विभाग की बेशर्म...
अजन्मी पुकार
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*सुन रही थी मां पिता की बातें वो***
*अधखिली कली जो अजन्मी थी।***
*नन्हां सा उसका दिल धड़क रहा था***
*भीतर ही भीतर वो चीत्कार रहा था।***
*मां बाप ने उसको ज...
गज़ल
-
*गज़ल *
हाज़िर जी कह कर फिर गैर हाज़िर हो गयी जिसके लिये क्षमा चाहती हूँ । आप सब की
दया से अब ठीक हूँ।एक आध घंटा रोज़ बैठने की कोशिश करूँगी। बहुत समय से कुछ
...
मातृत्व का अहसास
-
आज मदर्स डे है. कहते हैं भगवान ने अपनी कमी पूरी करने के लिए इस धरा पर माँ
को भेजा. मेरी माँ ने मेरे लिए बहुत कुछ किया. आज भी जब कभी उलझन में होती हूँ
तो मा...
जब से पत्थर इतने रंगीले हो गए …
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आईनों के चेहरे
पीले हो गए
जब से पत्थर इतने
रंगीले हो गए
.
*आईना [image: image] *
*टूटकर बिखर जाता है *
*जब भी खुद को *
*आईने के सामने पाता है *
...
"Abraham Lincoln’s letter to his son’s teacher"
-
"Abraham Lincoln’s letter to his son’s teacher"
He will have to learn, I know, that all men are not just, all men are not
true.
But teach him also that ...
आंसू थे, अफ़साने थे !
-
आज एक नज़्म प्रस्तुत है
कुछ बड़ी है*…* कृपया, धैर्य से पढ़लें!
इसमें आपके भी मन के भाव संभव हैं
*गुज़रे वक़्त के ख़त*
*(यादों का क़ासिद = यादों का डाकिय...
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...........'और सुबह हो गयी' ..........
.............रात का समय था ..करीब एक एक या डेढ़ बजा होगा ..सावित्री कुछ पढ़
रही थी सालों की आदत थी पढ़े बिना आज भी...
आइये, देह का उत्सव मनायें !
-
.
.
.
देह अगर सब कुछ नहीं है तो भी बहुत कुछ तो देह है ही... हमारी भारतीय मान्यता
के अनुसार देह ही वह आधार है जिसके समर्थ व मजबूत होने पर ही काम, अर्थ, धर्म...
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*दर्द आँखों में नहीं*
दर्द आँखों में नहीं दिल में दबाये रखना
इस खजाने को ज़माने से छुपाये रखना
हमने बोये हैं अंधेरों में सदा धूप के बीज
हमको आता है उम...
क्यों नपुंसक हो गयी हैं आंधियाँ
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[image: Images]
कहाँ जाने खो गयी हैं आँधियाँ
क्यों नपुंसक हो गयी हैं आंधियाँ
हवाएँ पश्चिम से कुछ ऐसे चलीं
युवा मन मे सो गयी हैं आंधियाँ
मुट्ठियाँ सब...
क्यों नपुंसक हो गयी हैं आंधियाँ
-
कहाँ जाने खो गयी हैं आँधियाँ क्यों नपुंसक हो गयी हैं आंधियाँ हवाएँ पश्चिम
से कुछ ऐसे चलीं युवा मन मे सो गयी हैं आंधियाँ मुट्ठियाँ सब बुद्धिजीवी हो
गयीं और ...
कबीर के श्लोक - १०२
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*कबीर मेरा मुझ महि किछु नही जो किछु है सो तेरा॥
तेरा तुझ को सऊपते किआ लागै मेरा॥२०३॥*
कबीर जी कहते हैं कि परमात्मा मेरा तो मुझ मे कुछ भी नही है जो भी मेरे ...
इतिहास बन जायेंगे कुमाऊँ-गढ़वाल
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पुलिस के कुमाऊं-गढ़वाल परिक्षेत्र समाप्त होने के बाद अब दोनों कमिश्नरी
समाप्त किये जाने के लगाए जा रहे कयास
नवीन जोशी नैनीताल। प्रदेश के प्राचीन ऐतिहांसिक...
All religions are same!!!
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*
*
*All religions are same!!!***
*We have 26 alphabets in English,*
*as given below?*
*
*
*A B C D E F G H I J K L M N O P Q R*...
उपन्यास का अठारहवां पन्ना!
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मदनसींग भी चला गया कश्मीर!
*हसमुख ने....मदनसींग, जो उसकी पत्नी कोकिला का भूतपूर्व प्रेमी है....उसे
कश्मीर न जाने किस काम से भेजा है!.....कश्मीर की लोकेशंस...
हनुमान लीला भाग-4
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* महाबीर बिनवउँ हनुमाना, राम जासु जस आप बखाना *
हनुमान जी का चरित्र अति सुन्दर,निर्विवाद और शिक्षाप्रद है, उन्ही के चरित्र
की प्...
बचपन में ब्याही आधी सरकार : repeat on aakhateej
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200 सदस्य विधानसभा में
184 की वैवाहिक तिथियां वेबसाइट पर
82 की शादी 21 या18 वर्ष (पुरूष अथवा महिला के अनुसार) की वैधानिक आयु से
पहले
35 मंत्री और स...
श्रीमद्भगवद्गीता-भाव पद्यानुवाद (१०वीं-कड़ी)
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द्वितीय अध्याय
(सांख्य योग - २.५१-५६)
कर्मजनित फल तज कर के
जन्म बंधनों से छुट जाते.
बुद्धि युक्त साधक आखिर में
परम मोक्ष पद को हैं पाते.
जब तुम अपनी बुद्...
आयशा --भाग 2
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.....और उनके बाद आयशा की सास यानि तरुण की माँ भी कुछ दिन रहकर लौट गई..अब
मेघना उनको पहचानती तो नहीं और ना ही किसी किस्म की भावनाएं या संवेदनाएं उसके
अन्दर...
दुनिया बदल रही है.....
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दुनिया बदल रही है, मंज़र बदल रहा है
मंज़िल नहीं है कोई, हर बशर चल रहा है...
क्या ख़ूब रंगरलियाँ, रौशनी है दिलकश
आहें ख़ुदारा कैसी? किसी का घर जल रहा है?...
यंत्रों-तंत्रों से चमत्कार हो जाएगा ?
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देश भर से निर्मल सिंह नरूला उर्फ निर्मल बाबा के विरोध की खबरें आ रही हैं,
और अब उनके समर्थन में भी कुछ लोग जुट रहे हैं। विरोध और समर्थन के बीच मीडिया
की ...
सोचने को विवश करते कुछ प्रचलित शब्द
-
हमारे, आपके, प्रायः सबके जीवन में जाने अनजाने कुछ शब्दों के ऐसे प्रयोग होते
रहते हैं जिनके शाब्दिक अर्थ कुछ और लेकिन उनके प्रचलित अर्थ कुछ और। मजे की
बात ह...
श्रीमती सपना निगम,
-
दो बूँद जिनगी के............
पल्स पोलियो अभियान - जनहित में जारी
**
*दो बूँद जिनगी के** ,** **बन जाहे वरदान***
*बात मोर सुन ले **,** **गाँठ बाँध ...
छू लो मेरे अंतर को........
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*ज्यादातर इस मंच पे प्रेम कवितायेँ या ज़िन्दगी की नज्में प्रकाशित की गयी
हैं.. आज आपको सरिता गुप्ता के प्रकृति प्रेम से रूबरू करता हूँ - *
# सांझ के उस झु...
अब उनकी पोस्टों पर सैंकडों टीप आती हैं
-
टिप्पणी की घडी से चलती है पोस्ट की घडी ले आये हैं हम आपको टिप्पल दरबार में
टिप्पणी की शक्ति जब होती है सजीव तो स्वयं बनती जाती हैं पोस्ट्स
बाबाजी के दरबार ...
दिल ही दिल
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रास्ते जैसे भी थे ,
संगीन थे
दोस्त जितने भी मिले
रंगीन थे
कुछ न कुछ तो था मगर
जाने न तुम
कनखियों की राह
पहचाने न तुम
रास्ते में जो मिले
ग़मगीन थे
...
देश का कैसा कानून है?
-
*यह हमारे देश का कैसा कानून है?*
*जो वेकसुर लोगों पर ही लागू होता है. जिसकी मार हमेशा गरीब पर पड़ती है. इन
अमीरों व राजनीतिकों को कोई सजा देने वाला हमारे दे...
सूखे हुए पत्ते
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[image: images]रोज जीते है यूँ रोज मरते है
हाले दिल उनसे कहते डरते है
हम तो सूखे हुए पत्ते की तरह
रोज ही टूट कर बिखरते है
उनको कब है ख्याल अपना
...
हिंदू नववर्ष नुबारक हो........
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आज 23 मार्च २०१२ से हिन्दू नववर्ष एवं विक्रम शक संवत्सर २०६९का आरंभ हो गया
है. हिन्दू नववर्ष के आरंभ के साथ ही नवरात्र भी प्रारंभ हो गए हैं. बसंत ऋतु
के आ...
वह सांवली सी लड़की---मिथिलेश
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तन पर लपेटे
फटे व पुराने कपड़े
वह सांवली सी लड़की,
कर रही थी कोशिश
शायद ढक पाये
तन को अपने,
हर बार ही होती शिकार वह
असफलता और हीनता का
समाज की क्र...
खिलाड़ी नहीं, विश्व रिकॉर्डों की किताब है...
-
विशेष नोट : अपने एक पुराने आलेख को ही दोबारा लिखकर तथा नए रिकॉर्ड जोड़कर फिर आप लोगों के सामने पेश कर रहा हूं... आशा है, पसंद करेंगे...
बेजोड़... बेमिसा...
गंवार प्रणब को क्या पता कि काम कैसे होता है?
-
वैसे, आज मैं पहली बार प्रणब दा के बारे में लिखने की कोशिश कर रहा हूँ...क्या
किसी को याद है कि वे किसी भी मायने में सफल कब रहे थे? अपने लिए सफल तो हम भी
हैं...
होली...
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*रंग-बिरंगे इन्द्रधनुष को लेकर आयी होली है ।*
*कहीं उड़ रहा अबीर गुलाल कहीं सज रही रोली है ।*
*निकल पड़ी लेकर पिचकारी अब बच्चों की टोली है ।*
*नगर, गाँव औ हर...
नोकिया मोबाइल में अपने फाइल को छुपाये
-
सबसे पहले अपने मेमोरी में जा के एक नया फोल्डर creat करे .jad extension के
साथ जैसे आपके फोल्डर का नाम image है तो उसे image.jad के नाम से बनाये
अब उस फोल्डर...
तुम्हे मैं जान - ना पाया !
-
*
*
* " बहुत देर तक अब खामोश, **लब** रहते नही मेरे ..! "*
*
*
बड़ा अजीब लगता है
रोज ही तो गुजरा हूँ इस रस्ते से ,
मगर खामोश रहता हूँ तो
तुम्हे मैं जान - ...
सदन में अश्लील क्लिपिंग पर ही बैन क्यों???
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कर्नाटक में विधानसभा की कार्यवाही के दौरान तीन मंत्रियों को पॉर्न वीडियो
देखना महंगा पड़ा. तीनों को इस्तीफा देकर कीमत चुकानी पड़ी. बदनामी हुई, वह
अलहैदा....
हम तो चले तिहाड़ जेल दोस्तों !
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*आज में सरकार से इस पोस्ट के माध्यम से पूछना/जानना चाहता हूँ कि अगर एक
सभ्य ईमानदार व्यक्ति दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को रिश्वत नहीं दें तो क्या
वो अधि...
क्या दिल्ली हाईकोर्ट के जज पूरी तरह से ईमानदार है ?
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दोस्तों ! एक बार जरा मेरी जगह अपने-आपको रखकर सोचो और पढ़ो कि-एक पुलिस
अधिकारी रिश्वत न मिलने पर या मिलने पर या सिफारिश के कारण अपने कार्य के
नैतिक फर्जों ...
अब...मेरी माँ को कौन दिलासा देगा ?
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***अब हमें भी पता नहीं कितने दिन जेल की सलाखों को पकड़कर खड़ा रहना होगा,
क्योंकि हमारे देश में कानून पूंजीपतियों, राजनीतिज्ञों और महिलाओं की बाप की
जागीर बन ...
उस तस्वीर पर जूतियां चलाने एक मातहत रख लूं..!!
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जी चाहता था उस बिन ठुड्डी वाले तस्वीर एक दीवार पर लगा दूं जिसने
आज़ मुझे सरे आम बेवज़ह अपमानित किया ....उस तस्वीर पर जूतियां चलाने एक मातहत
रख ...
छ्त्तीसगढ़ की डायरी
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*सौ बिस्तरों वाला कैंसर अस्पताल अंतिम चरण में *
*वेदांता समूह ने छत्तीसगढ़ में किया कमाल *
*एक करोड़ का एक बिस्तर....*
यह चौंकाने वाली बात तो है मगर यह सच है ...
गाँव और शहर ...
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गाँव में ज़िन्दगी का उत्सव-उमंग मनाते लोग ,
शहर में ज़िन्दगी के रंगीनियों में नाचते लोग.
गाँव में प्यार,दोस्ती मुफ्त में बांटते लोग ,
शहर में ये सब कि...
हिंदी कहानी की रचनात्मक चिंताएं – राकेश रोहित
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हिंदी कहानी की रचनात्मक चिंताएं - राकेश रोहित (भाग- 23) (समापन कड़ी, पूर्व
से आगे) देवेन्द्र चौबे की दूसरा आदमी (नवभारत
टाइम्स, दिल्ली 6 अक्टूबर 1991)...
अन्तर 'जाओ' और 'आओ' का.
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मुनीम गुमाश्ता और नौकर चौकरों से भरीपूरी एक फर्म के मालिक का जब
देहावसान हो गया तो उसके दोनों पुत्रों में उनकी सारी सम्पत्ति और कारोबार का
उनके...
कोई ऐसा धर्म चलाया जाए इंसान को इंसान बनाया जाए
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*1. भलाई से अगर हो मौत तो जीने से बेहतर है ! *
*बुराई का तो जीना मौत के सदमें से बदतर है !!*
*2. चमन वालों ! अगर तर्जे अमल अपना न बदला तो, *
*चमन बदनाम भी ह...
चुनावी घोषणा- पत्र
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नेताजी चिल्लाए
अबकी न जानवर
न कोई सवारी
और न ही
अंतररास्ट्रीय फूल
अबकी बार
सब कुछ भूल जाओ
बस
तमाचे के साथ आओ
गरीबी हटाओ
बीस सूत्रीय कार्यक्रम
इमरजेंसी
फ...
एअर कंडीशन नेता
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वंदन कर भारत माता का, गणतंत्र राज्य की बोलो जय ।
काका का दर्शन प्राप्त करो, सब पाप-ताप हो जाए क्षय ॥
मैं अपनी त्याग-तपस्या से जनगण को मार्ग दिखाता हूँ ।
ह...
धर्म की भूमिका पर एक नजर
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*विष्णु नागर- *
जब भी समाज में बुनियादी परिवर्तन की बात आई, तब इससे धर्म को अछूता छोड़ा
गया। धर्म और सामाजिक परिवर्तन में अंतर्विरोध है। इसे रेखांकित करने ...
आंख शब भर मेरी लगती नहीं क्यों
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कयामत की रात ये ढलती नहीं क्यों खिजा की रुत भी बदलती नहीं क्यों क्याबतलाऊ
मैं तुझको ऐ दिलबर तन्हा रुत अब गुजरती नही क्यों टुटा है जब से ख्वाब मेरी
आँखों का...
संपर्क अक्टूबर २०११ - कहीं नहीं यहीं है वो
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किसी ने कहा, “पिछले सप्ताह मेरे पिताजी की मृत्यु हो गई। मेरे पिताजी धर्म
प्रचारक थे। मेरे पिताजी जल्लाद की तरह मेरी माँ को बुरी तरह मारते थे। मैं यह
सब ...
मित्रों के नाम के एक संदेश
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अगर आप मेरे फेसबुक के खाते से नहीं जुड़ें हुए है. तब आप जुड़ें.
https://www.facebook.com/ramesh.k.jain
https://www.facebook.com/sirfiraa
तीर्थंकर महावीर स...
लो अब पढ़ने से भी पीछा छूटा
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मोबाइल फ़ोन के जहां अपने फ़ायदे हैं वहीं इसकी अपनी कुछ सीमाएं भी हैं.
मोबाइल आज संगीत सुनने के साथ-साथ पढ़ने के माध्यम के रूप में ही बहुत तेज़ी
से उभर...
बड़ें फैसलें लेने में जल्दबाजी ठीक नहीं
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यूपीए - 2 इस समय अपने कार्यकाल के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है ! सरकार जल्दबाजी
और अपने गलत फैसलों के कारण संसद में रोज नए - नए मुद्दे लाकर समूचे विपक्ष...
बेचैनी
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कुछ अजब
कुछ गजब
सन्नाटा सा था
चंद रातें
कभी सोतीं
कभी जागतीं
खुली आँखों से कभी
कभी मूंदकर आँखें
मैं देखता सा था !
क्या था
क्यों था
कुछ तो था
जिसने मुझे
बेचै...
पहले दो, पीछे पाओ
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यह विचारणीय प्रश्न है कि महापुरुष अपने पास आने वालों से सदैव याचना ही
क्यों करता है? मनन के बाद मेरी निश्चित धारणा हो गई कि त्याग से बढ़कर
प्रत्यक्ष और तुरंत ...
अजीब जिद है...
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*अजीब जिद है...*
*ना कहने देते हो,*
*ना चुप रहने देते हो.*
*ना ख़ामोशी में आराम,*
*ना शिकवे में है सुकून,*
*आज कह ही दो *
*तुम आखिर मुझसे चाहते क्या...
कीबोर्ड पर थिरकती उंगलियाँ
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हाथ की सफ़ाई ... कभी कीबोर्ड पर कभी यहाँ
आज तेइस दिन बाद उंगलियाँ कीबोर्ड पर थिरकने के लिए मचलने लगी तो सोचा चलो
उन्हें मौका दिया जाए...वैसे चलती तो थीं...
गणेश जी इन द जिम
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*अमरीका आकर हमें महिला शब्द का एक नवीन प्रकार का संधि- विच्छेद पता चला :
महिला =महि+हिला , महि अर्थात धरती , अतः महिला का अर्थ हुआ जो चले तो धरती को
हिलाए ...
कहते है हिन्दूस्तानी है हम....(सत्यम शिवम)
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कहते है हिन्दूस्तानी है हम,
पर जुबान पे अंग्रेजों की भाषा बसती है,
देख के अपनी विलायती तेवर,
हिन्दी हम पर यूँ हँसती है।
क्या बचपन में पहला अक्षर,
माँ कहने मे...
कोई पूछे तो कह देना , हो रहा भारत निर्माण …..
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मातम पसरा है शहर में , और भीड भरा है शमशान , कोई पूछे तो कह देना , हो
रहा भारत निर्माण चुप्प बैठे पिरधान जी , परदेस जा बसीं मादाम , कोई पूछे तो
कह दे...
Essential Oils
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Fragrances have been part of life since ancient times. Fragrances and
flavours play important role in religious observations.Cosmetics and
confectionar...
दोराहा
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अन्ना लहर .....भ्रष्टाचार के विरोध में उठती आवाजे ........ सोचते सोचते जाने
कहाँ भटक आई बीते कल की गलियों में. नही कहूँगी मन शांत है.....विचलित हूँ. इस
भ्...
कैसा हो रक्षा बंधन ?
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*आज प्रकाशित सामग्री श्री **संजय** कुमार जैन जी द्वारा भेजी गई है. उन्होंने
यह सामग्री उपरोक्त ब्लॉग के फेसबुक
https://www.facebook.com/groups/mahavirswam...
देश और युवा !
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किसी भी परिवार,समाज व् देश की प्रगति का वाहक युवा वर्ग ही होता है | ऐसे में
यदि वह सही दृष्टि से आगे बढ़ता है तो परिवार, समाज व् देश सबका कल्याण होता
है पर...
मेरे प्यारे पापा....
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मेरी ड्राईंग मैं और मेरे पापा..
पिता दिवस के उपलक्ष में, मेरी दादी ने ये गीत मेरे लिए लिखा है । जिसे मैं
अपने प्यारे-प्यारे पापा को समर्पित करती हूँ ।...
रिश्ते ओर रिश्ते....
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यह ब्लाग आप सब को समर्पित हे, यहां आप अपने बच्चो के लिये मुफ़त मे बिना कोई
शुल्क दिये रिश्ते ढुढं सकते हे, आप कामेंट बाक्स मे अपनी पसंद बताये, लडके के
लिये,...
अब तो शर्म करो ..........
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आज सुबह दैनिक भास्कर में ये खबर देखी ।
इसके बारे में पिछले दो पोस्ट में अपनी बात कहने का प्रयास कर ही चुका हूँ ।
पर शायद या तो लोग निष्पक्ष नहीं है या फिर...
मैटरिक के रीजल्ट (एक बिहारी पोस्ट)
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परसों बिहार में मैट्रिक (दसवीं) के रिजल्ट आया. बिहार में मैट्रिक के रिजल्ट
के आगे आई आई टी, कैट, आई ए एस सब फेल.... खासकर गांवों में...... मैट्रिक
माने प...
बडा ब्लॉगर कैसे बनेँ
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बडा ब्लॉगर कैसे बनेँ नामक ब्लॉग अनवर जमाल जी का है जिसमेँ उन्होनेँ एक
यूनिवर्सिटी चला रखी है जो अच्छा और सार्थक प्रयास है।इस ब्लॉग मेँ एक अच्छा
ब्लॉगर बनने...
तेरी तस्वीर.....ओम कश्यप
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सोचा एक दिन तेरी तस्वीर बना लूँ ,
हसीन रंगों से अपनी तकदीर सजा लूँ !
मेरा दिल तो कोरे कागज की तरह हैं ,
इस पर तेरे नाम की लकीरे बना लूँ !
तेरे लिए थे बहुत...
सच्चे दोस्त बनो अभियान
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**
*सन 2000-2001 में मेरी दोस्ती की पवित्रता के विज्ञापन समाचारों
पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए.विज्ञापनों की प्रतिक्रिया में दूषित
मानसिकता और अच्छी वि...
श्री हनुमत महिमा
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श्री हनुमान जी का प्रभाव त्रिलोक में जग जाहिर है।श्री तुलसीदास जी ने श्री
हनुमान चालीसा बनाकर हमे एक अमोघ शक्ति प्रदान किया।नित्य करोड़...
रोजगार Vs हिन्दी
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*रोजगार **Vs ** हिन्दी***
*पुनीत कुमार*
नमस्कार दोस्तों, कैसे हो ? अरे.......... मैं आपसे आपका हाल-चाल पूछ रहा हूँ।
लेकिन मैं तो आपको जानता भी नहीं, कौन...
"उत्तर आओ ज्ञान बढ़ाएँ-पहेली:71" (श्रीमती अमर भारती)
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अमर भारती साप्ताहिक पहेली-71 का
का सही उत्तर है!
यह दिल्ली का अंतर्राज्यीय बस अड्डा आनंद विहार है
और शास्त्री जी दिल्ली से खटीमा आना हो तो बस यहीं से पकडनी ...
आओ मिलकर वृक्ष लगायें
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वृक्ष हमें फल देते हैं,
हमसे कुछ नहीं लेते हैं,
खुशियाँ बाँटे, खुशियाँ पायें।
आओ मिलकर वृक्ष लगायें॥
तरु हमें छाया देते हैं,
हम इनको पानी देते हैं,
आओ इनकी ...
मेरे देश को एक और मोहनदास करमचंद गाँधी चाहिए...
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घोटालों पर घोटालें सामने आते जा रहे हैं ।महँगाई की मार खा-खा कर भी अपने देश
के लोग मूक दर्शक बने अपने घरों से बैठें हैं.....अपने धंधों से थोड़ी -सी
फुरसत...
कोरियन सीखें- दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले वाक्य
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आइये उच्चारण और व्याकरण की तकनीकी गहराई में जाने से पहले ये जानें कि कुछ
सामान्य वाक्यों और वाक्यांशों को कोरियन में कैसे बोलें. मतलब कोरियाई भाषा
के व्...
International Scores
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International Scores: "Get the latest scores of all the international
cricket matches from Cricinfo. Add the Cricinfo International Scores widget
now!"
नूतन वर्ष २०१० की आपको अशेष शुभकामनायें अपार!!
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नवल धवल सूरज से आलोकित हो घर आँगन परिवार
नूतन वर्ष २०१० की आपको अशेष शुभकामनायें अपार
बाधाएं दूर हो जीवन की, नित प्रेम सुरभि का हो संचार
मन में करुणा व्याप...
एनआरएचएम घोटाले में अवैध, वित्तीय लेन-देन.
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सीबीआई को उत्तर प्रदेश एनआरएचएम घोटाले में आरोपी अधिकारियों तथा नेताओं
द्वारा अवैध रिश्वतखोरी के रास्तों को ढकने के लिए परत दर परत वित्तीय लेन-देन
करने का...
परिचय / रामधारी सिंह "दिनकर"
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सलिल कण हूँ, या पारावार हूँ मैं
स्वयं छाया, स्वयं आधार हूँ मैं
बँधा हूँ, स्वपन हूँ, लघु वृत हूँ मैं
नहीं तो व्योम का विस्तार हूँ मैं
समाना चाहता है, जो बीन...
सरलमना तिवारी का मनचला खून
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जांच के बाद श्री तिवारी के खून की एक रिपोर्ट --
रोमांस- १०० %
शर्म -९० %
बेशर्मी - १८ %
ममता/अपनत्व- १०० %
ढिठाई- ९८ %
जवानी का जोश- ९६ %
मक्कारी- २०० %
स्त...
ग़ज़ल यानी दूसरों की ज़मीन पर अपनी खेती
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हमारे एक दोस्त का कहना है कि ग़ज़ल दूसरों की ज़मीन पर अपनी खेती है। बतौर
शायर आप भले ही दावा करें कि आपने नई ज़मीन ईजाद की है मगर सच यही है कि आप
दूसरों की...
आपकी खूबसूरती
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आपकी खूबसूरती
आपको छूने से आ जाती जिस्म में गर्मी,
देख कर आँखों को ,ठंडक मिले गजब सी है
आपके पास में आने से पिघल जाता बदन,
आपके हुस्न...
अरे मैं उड़ कैसे रहा हूँ - स्वपनिल
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जय जय श्री गुरुदेव । प्रणाम राजीव भईया ! मेरे मन में स्वपन से जुड़े कुछ प्रश्न हैं । मुझे वैसे तो बहुत ही कम स्वपन आते हैं । पर जब आते हैं । तब बड़े ही अजीब ...
कलम के देवता ...
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उनकी जरूरतों ने, हमें उनका बाप बनाया था 'उदय'
अब, जब जरूरतें नहीं हैं, तो वो हमें पहचानते नहीं !
...
चरणों में दंडवत तो हजारों की फ़ौज है 'उदय'
पर ...
वे बड़े कि हम ......
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मनुष्य के संज्ञानबोध का फलक बहुत सीमित है .हम एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक
स्पेक्ट्रम के उपरी छोर के गामा विकिरणों और निचले स्तर के अल्ट्रा वायलेट
फ्रीक्वेंसी के...
अपने कंप्यूटर को बनाए स्मार्ट इस छोटी सी ट्रिक से
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मैं पिछली पोस्ट में भी आपके लिए बहुत सी ऐसी ट्रिक लेकर आया था जो आपके काम
आई होगी आज की ट्रिक भी बहुत ही काम ट्रिक है इसका इस्तेमाल मैं बहुत करता हु
आज आ...
आज का प्रश्न-305 question no-305
-
आज का प्रश्न-305 question no-305
प्रश्न-305: किस वैज्ञानिक की खोज को वर्षों तक कोई मान्यता नहीं मिली और जब
मान्यता मिली तो उस के प्रयोग ने दुनिया की धारणा ह...
ब्लोगिंग के उत्थान में शानदार भूमिका है फेसबुक की
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फेसबुक पर अक्सर हिंदी ब्लॉग लेखकों की टिप्पणियाँ पढ़ने को मिली कि- "फेसबुक
ब्लोगिंग के लिए खतरा है|" दरअसल ज्यादातर ब्लॉग लेखकों द्वारा फेसबुक पर
ज्यादा ...
बढ़े रेट पेट्रोल के, नीलकंठ पी जाँय ।
-
बढ़े रेट पेट्रोल के, नीलकंठ पी जाँय ।
निगल-उगल सकते नहीं, सारा बदन तपाय ।।
*अभिसार *ने अपने ब्लॉग पर टिप्पणी के लिए आमंत्रित किया ।
उन के बनाये चित्र और उ...
आगरा/1994 -95 /भाग-19
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..... जारी.....
07 नवंबर को टूंडला उतर कर वहाँ से टैक्सियाँ करके कमला नगर घर पर पहुंचे। सभी
लोग अंदर प्रवेश कर गए और* पूनम दरवाजे पर खड़ी रह गई *,मुझे सारा...
चेहरों का शहर
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*( अपनी एक पुरानी कविता पुनः पोस्ट कर रहा हूँ ....)*
एक चेहरा
जो सिर्फ एक चेहरा है मेरे लिए
दिख जाता है अक्सर
जब भी पहुंचता हूँ चौराहे पर,
एक च...
यात्रा हरि के द्वार हरिद्वार की - भाग १
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*हरिद्वार*
मैं ओर बच्चे बैठे बैठे प्रोग्राम बना रहे थे कि पेपर खत्म हो गए हैं, कंहा
घूमने चला जाए, बच्चे कहने लगे कि पापा हरिद्वार यंहा से यानिकी मुज़फ्...
साथ जिया हो तो जानो........
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*ग़ज़ल *
साथ जिया हो तो जानो........
-अरुण मिश्र.
इश्क़ में क्या-क्या मुश्किल आये, इश्क़ किया हो, तो जानो।
इक-इक साँस है, कितनी भारी, ज़ह्र प...
[विरासत] चंद्रधर शर्मा गुलेरी – “उसने कहा था”
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बड़े-बडे़ शहरों के इक्के-गाडी वालों की जबान के कोड़ों से जिनकी पीठ छिल गई
है और कान पक गए हैं, उनसे हमारी प्रार्थना है कि अमृतसर के बम्बू कार्ट वालों
की ब...
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34. ईमानदार
बहुत पसंद हैं मुझे
ईमानदार लोग ,
धारा के विरुद्ध चलनेवाले ,
निज़ी स्वार्थों से परे,
अन्दर से मजबूत,
फिसलन पर भी जो
डटकर खड़े रहते हैं।
ब...
कुछ क्षणिकायें
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खंजर
ये खुदा
एक गुजारिश है तुमसे
अगली बार खंजर
उनके हाथों में
थमाने से पहले
न भूल जाना
इस दिल को पत्थर बनाना
ताजमहल
इतना भी इतराना
ठीक नहीं
अ...
कुछ तस्वीरें गाँव की
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सार्वजनिक स्नानागार
सृजन- शिखर
एक शाम
तलैया
पुश्तैनी घर आजमगढ़ ये कट गया कटहल
बगीचे के आम कटहल एक क्लिक लालू के ढाबे का ग्रामीण अपने काम पर गाँव...
बचल रहय परिवार
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बात कहय मे नीक छल, बेटा गेल विदेश।
मुदा सत्य ई बात छी, असगर बहुत कलेश।।
विश्व-ग्राम केर व्यूह मे, टूटि रहल परिवार।
बिसरि गेल धीया-पुता, दादी केर दुलार।।
हे...
ज्ञानी जन विवेक से सीखते हैं..
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* ज्ञानी जन विवेक से सीखते हैं, साधारण मनुष्य अनुभव से, अज्ञानी पुरुष
आवश्यकता से और पशु स्वभाव से!*
*कौटिल्य **
*
***********
अधर्म की सेना का सेनापति झू...
ब्लॉगिंग को समझ क्या रखा है???
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कल तक सड़क किनारे, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर घटिया व अश्लील
साहित्य बिकता था। किन्तु अब वह सब इन्टरनेट पर मुहैया है। वैसे इंटरनेट पर भी
घटिया...
चाँद से बातें ....
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मन में बसे समंदर के साहिल की रेत पर
जब कुछ बातें कुछ यादें दस्तक दे जाती है
तो अक्सर मन उदास हो जाता है
और क्यूँ न हो
आखिर उदासी भी
तो कभी-कभी बहुत खूबसूरत...
मध्यावधि- चुनाव कौन चाहता है ?
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*मध्यावधि- चुनाव कौन चाहता है ?*
*
जनता...नहीं केवल अवसरवादी विपक्षी दल .*
*
जिनके लिए है *
*
राजनीति खिलता हुआ कमल ;*
*
जनता को पता है *
*
ये है दलदल *
*
ज...
ज़रा सोचिये ..
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मैं मानती हूँ कि लिखा दिमाग से कम और दिल से अधिक जाता है, क्योंकि हर लिखने
वाला खास होता है, क्योंकि लिखना हर किसी के बस की बात नहीं होती और क्योंकि
हर एक...
अभी तो मंथन जारी है !!!!
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भारत निर्माण नहीं ! "हो रहा भारत मंथन"
एक पौराणिक कथा सब जानते हैं ; "सागर मंथन" की, जिसमे एक कुर्म (कछुए) की पीठ
को आधार बनाया जाता है मंदरांचल पर्वत को उ...
सरकारी बलात्कार टल न सके तो मजा लो
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इस कथन पर अमूमन महिलाये क्रोध से भर जाती हैं, और कुछ पुरूषों के चेहरे पर
मुस्कान तैर जाती है। खैर अब पुरूषो को भी सावधान हो जाना चाहिये। ये "गे"
वाला लफ़ड़ा ...
मै खुश्बू हूँ मगन रहूँ मै
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हमारे ब्लॉग खुश्बू से लिया गया ..आप सब के आशीष हेतु ....
http://surendrashuklbhramar5-khusboo.blogspot.in/
आज आप सब के आशीष से हमें दोहरी ख़ुशी नसीब ...
संसद के 60 वर्ष! फिर भी दिशा की दरकार!
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*"जिस संविधान ने यह सर्वोच्च संसद बनाई उसी संसद का
यह दायित्व है कि वह उक्त संविधान की मूलभूत संरचना की रक्षा कर सके जिसमें भी
...
दुआ का एक लफ्ज , और वर्षों की इबादत .. 2 ..
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*गतांक से आगे** ***
धर्म गुरु कहते हैं कि तेरे कर्मों से कुछ भी नहीं होने वाला है , जो कुछ भी
होगा ईश्वर की कृपा से ही होगा और दूसरी बात वह यह भी कहते हैं क...
मोहब्बत का पिंजरा Mohabbat ka Pinjra
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मोहब्बत का पिंजरा
वक्त बेवक्त कुछ लम्हें छू जाते हैं,
जेहन में एक चुभन छोड़ जाते हैं।
लोग मासूमियत से हँसकर यादों में,
ख्वाबों में खुद को द...
तथाकथित प्रेम
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आसक्त हो कर
किसी के प्रति
अकसर सोच लेते हैं लोग
कि वो उससे
गहन प्रेम करते हैं
जिन एहसास से
खुद गुज़रते हैं
दूसरा भी वैसा ही
महसूस करे
ऐसे अरमान
...
पीकर बेचारा किसी नाले में पड़ा होगा ….
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[image: image]
शाम हो चुकी है भला कैसे खड़ा होगा
पीकर बेचारा किसी नाले में पड़ा होगा
.
उसकी मुस्कुराहट कर रही है चुगली
शादीशुदा नहीं शर्तियाँ वह 'छ...
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हे मधुसुदन !
मौत भी मेरी मुस्कुराहठो को देख के
मुस्कुराके लौट जायेगी
जाने हैं क्यों ?
मेरे मुरलीमनोहर !
क्योकि वो जान लेगी की
इन मुस्कुराहटों में तुम म...
सत्य की जय
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*आमिर खान... यह नाम आज कल काफी सुर्खियाँ बटोर रहा है और मीडिया में भी छाया
हुआ है. अब हर जगह इस नाम पर काफी चर्चा हो रही है तो मैं सोच रहा हूँ की
हमारा...
क्या संसद पर बाजार का असर छा रहा है ...
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संसद भी एक बाजार है। आजकल उसे सजाया जा रहा है। एक बाजार लोक के लिए है लेकिन
इंटीरियर का काम राज्यसभा के लिए किया गया है। संसद में चीयर्स गर्ल्स का
जिक्र...
बुजुर्गों का मनोविज्ञान !
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* *चित्र गूगल के साभार .*
*मन है तो मनोविज्ञान भी रहेगा , इसके सीमायें और स्वरूप उम्र साथ
बदलती रहती है। मैंने मनोविज्ञानं पढ़ा तो उस समय इसकी सभी ...
गंवार लड़की ? -लघु कथा
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*गंवार लड़की ? -लघु कथा *
*
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*कॉलेज कैंटीन में बैठे रिकी और रॉकी अपनी ओर आती हुई सुन्दर लड़की को
देखकर फूले नहीं समां रहे थे .लड़की ने उनके...
जिंदगी जी ले इस तरह
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आसूँऔ को अपने आँखो का रस्ता ना दिखा
अपने सारे गमोँ को अपनी हँसी से तू चिढा
जिंदगी को मौका ना मिले तेरा मजाक बनाने का
सर पे आयी मुसीबत को अपनी उगँलियो पे तू...
लौट आओ न पापा !
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आज १८ मई पर ये चंद शब्द मेरे पापा की ११ वीं बरसी पर .....एक बेटी की बातें
अपने पापा से ......
पापा देखो ना आज
मैं कितनी सायानी हो गयी हूँ.
आँखों में ...
रिश्ते कि सच्चाई
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निशंक के असमय देहावसान के उपरांत आज श्रद्धा पहली बार मायके जाने के लिए
तैयार हो रही थी बच्चो को स्कूल भेज कर रह रह कर रो रही थी अभी कितने ही दिन
हुए थे उसे...
लड़ाई जरूरी है लेकिन सरोकार व्यापक रखकर!
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फेसबुक के जरिये मैं भारतीय ज्ञानपीठ और गौरव सोलंकी के बीच नधे हालिया विवाद
से मुसलसल रूबरू होता रहा, जहां-तहां मैंने अपनी सद्य टीप भी की, लेकिन इसी
बहाने...
किशोरों में बढ़ती अपराध प्रवृति
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समाचार पत्रों में सुबह सुबह हमारे किशोरों की गंभीर अपराधों में शामिल होने
की खबरें जब अक्सर देखता हूँ तो पढ़ कर मन क्षुब्ध हो जाता है. कुछ दिन पहले
समाचार ...
सवाल ही सवाल???
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...और नक्सली घटनाएं हो रहीं हैं। एक तरफ सरकार नक्सलियों से बात करने का दावा
कर रही है। सरकार की बनाई हाईपावर कमेटी नक्सलियों की रिहाई के रास्ते तलाश
करन...
समर्पण
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एक एहसास का फर्क है और एक महीन सी पतली परत होती है, जिसके उस पार की दुनिया बदलाव महसूस कर रही होती है और इस पार स्थिरता ठूँठ सी खड़ी रहती है. धूल भरी दुपह...
36. मुझे नहीं जीना ऐसी दुनिया में (व्यथा-कथा)
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रात के लगभग 8 बजे थे । प्राइवेट नर्सिंग होम में एक महिला को इमरजेंसी में
भर्ती कराया गया और उसका अल्ट्रासाउंड हो रहा था । औरत लगातार दर्द से रो रही
थी और ...
दर्द
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*दर्द अब पत्थर हो गया है ***
*आँखें वीरान पथरीली जमीन ***
*अहसास इकहरे ही घूमते रहते हैं ***
*इस छोर से उस छोर ***...
माँ - दीनदयाल शर्मा
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माँ तू आंगन मैं किलकारी,
माँ ममता की तुम फुलवारी।
सब पर छिड़के जान,
माँ तू बहुत महान।।
दुनिया का दरसन करवाया,
कैसे बात करें बतलाया।
दिया गुरु का ज्ञान,
माँ...
ऋषि शंख और लिखित
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ऋषि शंख और लिखित दो भाई थे| दोनों धर्मशास्त्रके
परम मर्मग्य थे| विद्या अध्ययन समाप्त कर के दोनों ने विवाह किया और अपने अपने
आश्रम...
तुझसा बनना तो बड़ा कठिन है री माँ
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सच माँ
सरल नहीं है तुझसा हो जाना
समेटना स्वयं को एक नियत
परिधि में यूँ और
दहलीज़ के भीतरी संसार में खो जाना
सात्विक सोच लिए कर्म की क्यारी में
नित ...
Happy Mothers Day!
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*Mommy mommy* *you are sweet.* *Mommy mommy* *you are great* *I love you* *I
love you.* *You are great * *you are nice* *You are Sweet * *to me * Happy
...
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सैनिक को तो जंग पे जाना
कभी कभी ही पड़ता है.
पर बच्चों को स्कूल भेजना
रोज़ ही करना पड़ता है.
भेजे में है घुसता छूरा
सुबह जो अलार्म जगाता है.
अगले दो घं...
धौखा है हज सब्सिडी
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हज सब्सिडी के नाम पर मुसलमानो को धोखा दिया जा रहा है। हमारे देश से हज
यात्रा के लिए डेढ़ लाख से अधिक लोग हर वर्ष साउदी अरब की यात्रा पर जाते हैं।
जिसमें स...
आठवें दशक की चर्चित लघुकथाएं
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'ज्ञानसिन्धु' में एक श्रृंखला 'आठवें दशक की चर्चित लघुकथाएं" आरम्भ करने
जा रहे है ताकि पाठक व लेखक आठवें दशक के लघुकथा लेखन से परिचित हो सके तथा आज
के...
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*दिन थे वो कुछ ऐसे*
* जो व्यर्थ के गुजार रहा था*
* मैं बड़े अरमान से गया था गांव अपने*
* सोचा था खुब मस्तियां होंगी *
* ख्रुब सारी शरारते होंगी*
* कुछ अपनेप...
प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
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(पत्र-लेखन की विधा काफी प्राचीन है. जब दिल की बात होठों पर न आ सके तो फिर
पत्र ही सहारा रह जाता है. संचार के क्षेत्र में नित नई तकनीकें आ रही हैं, पर
चिठ्...
जब बाज़ार में आया प्यार - राकेश रोहित
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कविता
जब बाज़ार में आया
प्यार
- राकेश रोहित
बाज़ार बेचता है प्यार,
पल-पल बढते हैं खरीदार.
जिसको जैसी हो दरकार,
वैसी ले जायें सरकार!
अगर आपका मन सू...
सत्य मेव जयते
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आमिर खान साहब का नया प्रोग्राम ...टी वी पर देखा अच्छा लगा , प्रयोग नया
नहीं है पर लग रहा है नया क्योकि उसमे आमिर है , हम भी आमिर के फेन है कॉलेज
के जम...
अंतस तक प्यासी हैं धरती
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देहरादून के गडवाल विकास निगम का वह कांफ्रेंस हॉल तालियों की गडगडाहट से गूँज
रहा था मंच पर राज्य के सांस्कृतिक विकास मंत्री श्री परमार जी ने अपना
उद्बोधन दे...
हाईकोर्ट ने पूछा- 'गुर्जर आंदोलन में कितने लोग मरे'
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*जयपुर.*गुर्जर आरक्षण आंदोलन (2008) के दौरान अदालती आदेश की अवमानना के
मामले में हाईकोर्ट ने गृह सचिव, डीजीपी व किरोड़ी सिंह बैसला को 11 मई को
अदालत में व्...
सेवा सम्पादक
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गुगल से साभार तस्वीर बच्चे की ही मिल पाई :)
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*मुझे देख कर वो मुस्कुराता है*
*पानी रख धीरे से पूछता है*
*चाय?*
*मै भी उसकी मुस्कुराहट की *
*अभ्यस्त ...
प्रयाश्चित……
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प्रदुषण एवं शहर के कोलाहल से दूर अत्यंत शांत एवं रमणीक स्थान ! यहाँ से
चतुर्दिक प्राक्रतिक सौन्दर्य देखते ही बनता है, शहर के तमाम धनाड्य
व्यापारियों, औ...
क्या मैं पत्थर हूँ?
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*क्या मैं पत्थर हूँ?*
*लगती नहीं है मुझको?*
*कोई भी चोट,*
*आघात,*
*हाँ! *
*तुम्हारी बात....*
*
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*अक्सर ही भेदना मर्म को,*
*आदत है तुम्हारी,*
*सहज ही*
*पहुंच...
संसद सदस्य?..आप भी बन सकतें है!...(व्यंग्य)
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*राज्य-सभा के नजारें....*
*सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट के मैदान में जितने भी रन बनाएं, जितनी भी पारियां
खेली, जितने भी छक्के या चौके लगाएं....सब कुछ देश के ...
पतवार (4)
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पूर्व कथा:
* राशि अपने ६ माह के बेटे को लेकर अपने पिता के घर चली आई थी और
फिर उसके बाद वह अपने पति के पास कभी नहीं गयी. ये बात उसके बेटे ने अ...
संस्कार कैसे देते हें?
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*जीवन मूल्यों में हो रहे परिवर्तन ने हमारी संस्कृति को विकृत रूप में
प्रस्तुत करना शुरू कर दिया है. एक मिसाल बनकर विश्व में अपना परचम
फैलाने वाली ...
A very interesting, but true story...
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Once upon a time in a village, a man announced to the villagers that he would buy monkeys for Rupees 10 each...The villagers, seeing that there were many mon...
पांच फन वाला नाग.......
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*उदयपुर: केवड़े की नाल में पंचमुखी नाग दिखाई दिया, जिसे देखने के लिए
लोगों का तांता लग गया। एक नाग के पांच मुंह देखते ही लोग नाग के दर्शन के लिए
जमा ...
झूलती मीनार और अलबेला खत्री की डुबकी
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प्रारंभ से पढें
अगली सुबह अलबेला खत्री जी से बात हुई तो उन्होने बताया कि वे एक दिन पहले
अहमदाबाद में ही थे। फ़िर उन्होने कहा कि अगले दिन मैं सुबह की गाड़ी ...
धरती कहे पुकार के...
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* २२ अप्रैल को "विश्व पृथ्वी दिवस". के रूप में मनाते हैं. इस दिवस को
मनाने का मक़सद लोगों को पृथ्वी पर मंडराते हुए ख़तरे के प्रति चेताना औ...
(लघुकथा) पॉवर
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वह सरकार में अब बहुत बड़ा अफ़सर हो गया था. आज एक ज़माने बाद ननिहाल लौटा
था. छुटपन में गर्मियों की छुट्टियां हालांकि यहीं बीतती थीं उसकी. उसके
आने से...
अटकी पड़ीं थीं क्रांतियां क़ब्ज़ की तरह..
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कविता
रेखाकृति: संजय ग्रोवर
गड़ढा खोदना क्रांति है
उसमें गिर जाना क्रांति है
झाड़कर निकल आना क्रांति है
निकलकर खिखियाना क्रांति है
किसीको पीछे से चपत मारकर...
लैटर टु ए डैड मदर!!!
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डियर मम्मी,
तुम कहाँ हो? मैं बहुत अकेला पड़ गया हूँ. ये दुनिया एक भीड़ सी मालूम पड़ती है
और दूर-दूर तक मुझे सहारा देने वाला कोई नहीं है कहीं भी. अजीब बात है न...
आलोचना का परमसुख
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घर में आज आलू-चना बना था, इकलौती (दूसरी के लिए हिम्मत नहीं है भाई) पत्नी ने
लहसून और जीरे से छौंक मार कर जो परोसा, तो आनंद आ गया चटख-चटख चटखारे लेकर
खाने ...
हमेशा साथ चलती रहो
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कुछ तुम कहो ,कुछ मै सुनु
बात यु ही चलती रहे
जीवन के पथ पर गीत गाती रहो
रास्ते के काटे हटाती रहो
बाहों में बाहे डालकर
नजरो से वार करती रहो
जीवन के सफ़र म...
ईलाज संभव मधुमेह का...
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*छत्तीसगढ़ के छात्र ने खोजा डायबिटीज का देसी इलाज*
*रायपुर डेयरी टेक्नोलॉजी कॉलेज के एक छात्र ने मधुमेह के इलाज में बड़ी सफलता
हासिल की है। गौमूत्र चूर्ण से...
मैथिली-१
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ये कुछ प्रश्न यू ही किसी के मन में उपजे हैं.
(अगले भाग में इन प्रश्नों के उत्तर मैथिली के मुख से ही मिलेंगे.)
मैथिली-१
मैथिली-ओ-मैथिली! है क्यों विपिन जा...
प्रलय तो भारत ही में होगी ...थोड़ा सा इंतजार करें....
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भारत की अबाध रूप से बढ़ती जनसँख्या को लेकर मुझे बड़ी चिंता होती है. हालाँकि
कई लोग मजाक में यह भी कहते हैं कि इस बारे में वही लोग चिंतित रहते हैं जो
पैदा होत...
ग़ज़ल: हैरान है दरिया ये मंज़र देख कर
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हैरान है दरिया ये मंज़र देख कर,
अपनी तरफ आता समंदर देख कर.
अमनो अमां पर हो रही हैं बैठकें,
बच्चे बहुत खुश हैं कबूतर देख कर.
गुज़रा हुआ इक हादसा याद आ गया,
...
ज़ुल्फ बिखरा के छत पे ना आया करो
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मेरे गीतों को होठों से छू लो जरा
ज़ुल्फ बिखरा के छत पे ना आया करो ,
आसमाँ भी ज़मीं पर उतर आयेगा.
वक़्त बे वक़्त यूँ ना लो अंगड़ाइयां,
देखने वाला बेमौत मर जाय...
ज़ुल्फ बिखरा के छत पे ना आया करो
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मेरे गीतों को होठों से छू लो जरा
ज़ुल्फ बिखरा के छत पे ना आया करो ,
आसमाँ भी ज़मीं पर उतर आयेगा.
वक़्त बे वक़्त यूँ ना लो अंगड़ाइयां,
देखने वाला बेमौत मर जाय...
लिख रहा हूं
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किसी की आँखों की नमी लिख रहा हूं
बेजान उन अश्कों की गमी लिख रहा हूं
खिलते नहीं हैं फूल अब इस गुलशन में
अपने नाम कुछ बंजर ज़मीं लिख रहा हूं
मिलने को म...
साक्षरता
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मै अनपढ
मिला तुमसे तो
सीख गया पढना
चेहरे के भाव
जो सपाट लगते थे
स्वयं कह देते हैं
बिना कहे ही
और मैं पढ लेता हूँ
तुम्हारे अंतरमन की
साक्षर हो गया हूँ
तुम्ह...
Mind it....!
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*1. If you see children Begging anywhere in INDIA, please contact:
"RED SOCIETY" at 9940217816. They will help the children for their studies.*
* **
*
*...
स्वप्न और उनका फल (भाग – 2)
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आप अगर रात के प्रथम पहर में कोई स्वप्न देखते है तो उस स्वप्न का शुभ या अशुभ
फल आपको साल भर में मिलने की संभावना रहती है. रात के दूसरे पहर में आप कोई
स्व...
चुनाव : असमाजिक कार्यों कि होड़
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हमारे देश में हर वर्ष किसी ना किसी प्रकार का चुनाव चलता हि रहता है| कभी
किसी राज्य में विधान सभा का चुनाव, कभी राज्य सभा का चुनाव, कहीं नगर निगम का
चुनाव, ...
दिल को बहलाना सीख लिया {ग़ज़ल} सन्तोष कुमार "प्यासा"
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*जबसे तेरी यादों में दिल को बहलाना सीख लिया *
*हमने मुहब्बत में खोकर भी पाना सीख लिया *
*जब धड़कन-२ भीगी गम से, सांसे भी चुभने लगी *
*दर्द की चिंगारी को बुझ...
बन गया महाशतक
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ढाका में हालांकि बंगलादेश ने एक बार फिर भारत को उलटफेर का शिकार बना दिया
है, लेकिन यह मैच क्रिकेट के महानायक सचिन के सौंवे शतक के लिए इतिहास में याद
रखा ज...
बच्चे, तेरे बड़ों की घुट्टी में क्या है!?
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सरल को ठीक-ठीक नहीं मालूम कितना बड़ा बच्चा था, नार्वे की संस्कृति क्या है,
वहां की सरकार सिर्फ़ दूसरे देशों के बच्चों को उठाती है या अपने देश के
बच्चों को...
हिन्दी चिट्ठों पर सांप... अविनाश वाचस्पति।
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लिगेसी इंडिया, मार्च 2012 में अविनाश वाचस्पति जी द्वारा ब्लॉग की चर्चा।
अगर आपको 'सर्प संसार' का यह प्रयास पसंद आया हो, तो कृपया फॉलोअर बन कर हमारा उत्साह...
कुछ पंक्तियाँ..
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कुछ पंक्तियाँ..
"ख़ुशी तेरे चेहरे पे आती
खिलखिलाती, मुस्काती
गम है असमंजस में
चाहता है तेरे संग होना
पर देख नहीं सकता तेरी उदासी..
हवा जो तेरे गलों को छूत...
मेरा फ़रिश्ता
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तू नहीं तो कुछ भी नहीं
इस व्यथित मन को
मुक्ति भी नहीं
देखो इस खंजर को
ये हमसे रूठ गया है
खामोश है सितार भी
इसका कोई शायद
तार टूट गया है...!
कलाई की ...
माओवादियों ने पेश की नई चुनौती
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*
*रमेश भगत *
[image: clip]
ओडिशा के कई जिलों में पंचायत चुनाव के नतीजों ने केंद्र सरकार के कान खड़े
कर दिए हैं। खबर है कि अनेक पंचायतों में मा...
crossroadshelpline : एक धोखा धडी कंपनी :
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crossroadshelpline नाम है उस कंपनी का जो कहती है कि उसका काम है सड़क पर
अचानक खराब कार को ठीक करना और उसके लिए वो अच्छी खासी रकम भी , सालाना लेती
है , पर ...
Great Story
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I read this story in a blog
One day, a poor boy who was selling goods from door to door to pay his
way through school, found he had only one thin dime left,...
Those Wonder years
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Remembering Those Wonder Years
When we never need a reason for Cheers
Brother used to hide his pain and tears
Sister had her own soft pink teddy bears
We l...
'हाय-हेलो' से बड़ों का अपमान न करें......
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हमारी सनातन संस्कृति में माता-पिता तथा गुरूजनों को नित्य चरणस्पर्श करके
प्रणाम करने का विधान है। चरणस्पर्श करके प्रणाम न कर सकें तो दोनों हाथ
जोड़कर ही न...
सुरंजनी: हम स्कूल में इंसान बना रहे है या जानवर?
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सुरंजनी: हम स्कूल में इंसान बना रहे है या जानवर?: हमारे समाज में अपराधों की
फेहरिस्त लगातार लंबी हो रही है.अगर हम इस का कारण जानने की कोशिश करेंगे तो
आम तौ...
तुम बेसहारा हो तो ...
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कल बाद दोपहर मैं अंबाला छावनी में एक टी-स्टाल पर चाय की चुस्कियां ले रहा था
.... उसी स्टाल पर किसी मोबाइल पर यह सुंदर सा गीत भी बज रहा था, बहुत दिनों
बाद स...
एक था बचपन - प्यारा सा बचपन ....
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मेरे ही किस्म के जोगी ठाकुर थे ..... सुनिए आशीर्वाद फिल्म का ये गीत : एक था
बचपन ... प्यारा सा बचपन.
आपने पता नहीं गीत सुना या नहीं - पर ये भावुक...
सरकारी लोकपाल की खामियां
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अभी अभी मैंने एक वीडियो देखा तो सोचा की आप लोगों से भी इसे साझा करूँ. यह
वीडियो सरकारी लोकपाल के खामियों को उजागर करता है साथ ही साथ भ्रष्टाचार को
बढ़ावा...
HAPPY NEW YEAR 2012
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*2012*
*नव वर्ष की शुभकामना सहित:-*
*
*
*हर एक की जिंदगी में बहुत उतार चढाव होता रहता है।*
*
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*पर हमारा यही उतार चढाव हमें नया मार्ग दिखलाता है।*
*हर जोख...
लीडर, नेता या गिरगिट ???
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तक़रीबन दस साल हो गए इस किस्से को. बात तब की है जब मुझे मीडिया में कदम रखे
अभी कुछ महीने ही हुए थे. जल्दी ही मुझे उत्तरप्रदेश की बहन जी उर्फ सुश्री
मायावत...
भारत देश की मांओं और बहनों के नाम एक अपील
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*मेरी बहनों/मांओं ! क्या नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, शहीद भगत सिंह आदि किसी
के भाई और बेटे नहीं थें ? *
*क्या भारत देश में देश पर कुर्बान होने वाले लड़के/लड़कि...
दिग्विजय को सलाम
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*बयान :* सचिन और सहवाग दोनों ही खिलाडि़यों ने वन-डे का दोहरा शतक
मध्यप्रदेश में बनाया. सचिन ने दस हजार रन भी मध्यप्रदेश में ही पूरे किए
हैं. लिहाजा, मध्...
मगरमच्छ से मुकाबला..
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दिल्ली के चिड़ियाघर से मैं और मम्मा एक मगरमच्छ खरीद लाये.. बड़ा सा.. मुझसे
भी बड़ा.. और अब प्रेक्टिस हो रही है उसे काबू में रखने कि...
पहले मुंह चेक क...
एक तमाचा तो नाकाफी है
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एक थप्पड़ दिल्ली में ऐसा पड़ा कि अब इसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई पड़ रही
है। सुनाई पड़नी भी चाहिए। आखिर यह आम आदमी का थप्पड़ है, इसकी गूंज तो दूर तलक
जानी ही...
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डूब जाने का तो डर होता है.
फिर भी हर रोज़ सफ़र होता है.
वो किनारों पे ही रह जाते हैं
जिनको तूफ़ान का डर होता है.
बहते धारों के रुख बदल देना
ये कहाँ सब मे...
मेरी दो नयी पुस्तके
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मेरी दो नयी पुस्तके
हस्ताक्षर - कविता संग्रह - मूल्य मात्र १०० रूपए हैं
वैनिज़िया - कहानी संग्रह - मूल्य मात्र १५० रूपए हैं
दोनों पुस्तके एक साथ मांगने प...
आवो "बालम ककडी" खाएं!
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अब आप कहेंगे कि ये ताऊ महाराज धॄतराष्ट्र को क्या होगया है? महाराज अंधे,
बहरे और गंवार तो थे ही अब पूरी तरह से सठिया भी गये हैं क्या? अरे बालम को
खिलाना ही ...
नवरात्र का साधनात्मक पक्ष
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नवरात्र का पर्व मूल रूप से मिलन की आराधना का पर्व है, संधिकाल के सदुपयोग का
पर्व है। जब भी दो ऋतुओं का मिलन होता है, तब नवरात्र का पर्व मनाया जाता है।
हमार...
परम्परा और रूढ़ि
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श्रुत के आधार पर किसी क्रिया-प्रणाली का यथारूप अनुगमन करना परम्परा कहलाता
है। परम्परा के भी दो भेद है। पूर्व प्रचलित क्रिया-विधि के तर्क व्याख्या में
न ज...
दबंग गठजोड़!
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धीतेन्द्र कुमार शर्मा
साहूकारी की ख्यात छवि वाले पाली का भोला आमजन किस 'दबंग शिकंजेÓ में जकड़ता
जा रहा है, इसी की बानगी है मंडली खुर्द में गैर मुमकिन रास्ते...
दीवार मे एक खिड़की रहती थी
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गुज़रता था उधर से,
तेरी तस्वीर नज़र आती थी,
जैसे दीवार हो,और उसमे एक खिड़की,
जिससे झाँक रही हो तुम,
और मुझे देख मुस्कुरा रही हो..
वो तस्वीर ह...
जीवन उद्देश्य
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*`**ओम**`***
* **अपना जीवन उद्देश्य शीघ्र अति शीघ्र तय करें। फिर सदैव उसी का ध्यान करें।*
**
*मेरा उद्देश्य प्रभु की प्रसन्नता और उसको प्राप्त करना है।***
...
अपनी भाषाएँ
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*जैसे लोग नहाते समय आमतौर पर कपड़े उतार देते हैं वैसे ही गुस्से में लोग
अपने विवेक और तर्क बुद्धि को किनारे कर देते हैं। कुछ लोगों का तो गुस्सा ही
तर्क की ...
कमजोर चंद्रमा : असाधारण व्यक्तित्व
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पिछले आलेख में मैने बताया कि 'गत्यात्मक ज्योतिष' में सूर्य से 40 डिग्री
की दूरी तक के चांद को कमजोर कहा जाता है , यह मन का प्रतीक ग्रह है , इसलिए
इसके क...
एक बार चिंतन तो कर ले !
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आशा व् निराशा दोनों ही एक दुसरे के पूरक शब्द है ! लेकिन इन् दोनों शब्दों का
व्याकरण में जितना उपयोग नहीं है उससे ज्यादा हमारे जीवन में इनका अधिक उपयोग
है क...
जमाना
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इस ज़माने को मैं कैसे जमाना कह दूँ
जमाना तो वो था जिसमे हम जवान हुए
वो मीठे बोल में छुपी शरारतें और वो सुहावनी रातें
वो चाँद की ही गोद थी जिसमे हम जवान ...
छत्तीसगढ़ी गज़ल : पीरा संग मया होगे
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अइसन मिलिस मया सँग पीरा,
पीरा सँग मया होगे.
पथरा ला पूजत-पूजत मा,
हिरदे मोर पथरा होगे.
महूँ सजाये रहेंव नजर मा
सीस महल के सपना ला ,
अइसन टूटिस सीस महल के
...
किन्नर क्योँ होते है?: किन्नर
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किन्नर क्योँ होते है?: किन्नर: "परमात्मा की रचना कभी गलत नही होती हाँ जरुर
हमारे विचार गलत हो सकते है। आज विश्व मे रावण राज की देन हमारे विचार ही
है।हम हमा...
राग सोहनी
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पारिजात झरते हैं निःशब्द जिस पहर
गोपियाँ पैर की झांझर उतार दबे पाँव
लौटती हैं रास से
रात समेटती है अपनी ओढ़नी जिस
घड़ी
योगी, उतरता है कोई ध्यान में ,
शिशु क...
मेरे नाम अनेक -डा. नागेश पांडेय 'संजय'
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*शिशुगीत : डा. नागेश पांडेय 'संजय'*
मेरे नाम अनेक , दोस्तों ,
मैं छोटा सा भोलू .
कोई मुझसे सोनू कहता ,
कोई कहता गोलू .
दादा जी कहते हैं टिंकू ,
दादी क...
कश्मीर और आतंकवाद
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मेरे विचार
मुख्यमंत्री साहेब आप का सुझाव सर आँखों पर लेकिन जिस राज्य में नये
रन्ग्रुट्स को मेहनताना न मिल रहा हो, जहाँ आप स्वयं दावा कर रहे हों आतंक...
टूटती श्रृंखलाएं
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बहुत बाते हो रही है आज कल हर जगह बेटियों की. पढ़ती हूँ. हँस देती हूँ. एक
टीचर होने के नाते बहुत मौके मिले 'बेटियों' को पास से देखने जानने के.
आज फिर एक बेटी...
फिर जहाँ थे वहीं चले ....!!
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इस बार जन्मदिन की धूम बहुत दिन चली . ममा पापा और सभी चाहने वालों ने मिलकर
बर्थडे वीक सेलिब्रेट किया . ४थे जन्मदिन पर ४-४ केक काटे गए . डीज़नी लेंड
में मिकी...
Luv Ka The End 2011 - The Mutton
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Movie: Luv Ka The End (2011)
Director: Bumpy
Producer: Ashish Patil
Music Director: Ram Sampath
Lyricist: Aditya Bhattacharya
Cast: Shraddha Kapoor, Taa...
A Dream within a Dream
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Take this kiss upon the brow!
And, in parting from you now,
Thus much let me avow-
You are not wrong, who deem
That my days have been a dream;
Yet, if Hope ...
होमियोपैथ दवा का दुष्प्रभाव
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*6. होमियोपैथ दवा का दुष्प्रभाव*
मेरे बाल्यावस्था की एक घटना महत्तवपूर्ण है. उस समय मेरी उम्र डेढ़ वर्ष की
थी. मेरी माँ मुझे लेकर अपने मायके अगुवानपुर ...
पहला लेख >>>>
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इस ब्लॉग पर हम इश्वर के अस्तित्व से सम्बंधित प्रमाणों पर पूर्वाग्रह रहित
चर्चाएँ करेंगें .. आस्तिक , नास्तिक तो ऐसे ही काफी छोटा सा विभाजन है .....
इस ब्लॉ...
अथ राउल-मौनमोहन संवाद आफ्टर मिस्त्र क्रांति
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राउल बाबा मौनमोहन सिंह से, " आप जानते है आज रात भर मम्मी परेशान थी ..उन्हें
ठीक से नींद भी नहीं आयी "
मौनमोहन, "अरे बाबा, क्या हुआ ...क्या परेशानी थी उन्ह...
माया के जन्म दिवस पर गैस विस्फोट
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उ0प्र0 की मुख्यमंत्री मायावती के 55 वें जन्मदिवस पर शाहजहांपुर में आयोजित
समारोह में हीलियम गैस के सिलेण्डर फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी और आधा
दर्जन स...
***भारत प्रश्न मंच राउंड-१ मेरिट लिस्ट ***
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[image: Orkut Myspace Welcome Scraps, Graphics and Comments]
भारत प्रश्न मंच आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता है
सभी स्वजनों को नववर्ष की अनेका नेक शुभकामनाए...
अनुवाद-- पाती अडिये बाजरे दी मुट्ठ
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अनुवाद --पंजाबी पुसतक' पाती अडिये बाजरे दी मुट्ठ्'-- गुरप्रीत गरेवाल --का
हिन्दी अनुवाद।
अनुवाद के क्षेत्र मे ये मेरा पहला प्रयास है। आशा है आप मेरा उत्साह...
6 टिपण्णियां:
मान्यवर अपना ब्लॉग जोड़ना चाहता हूँ ,.क्या सभी रचनाये यहाँ दिखेंगी !..हार्दिक आभार सहित
URL santo1979.jagranjunction.com
भाटियाजी, परिवार से जुडे रहने से ज्यादा खुशी और क्या हो सकती है।
आज से लगभग दो माह पहले हमने ऐसे ही एक टिप्पड़ी फॉर्म पर अपने ब्लॉग का लिंक दिया था ...और अपने ब्लॉग पर विजेट लगाकर खुश होते रहे कि हम भी ब्लॉग परिवार में शमिल हैं ...
आज ऐसे ही अनायास देखने का मन हुआ तो सूची में अपना ब्लॉग न पाकर अच्छा नहीं लगा..खैर मैं पुनः निवेदन भेज रहा हूँ आशा है आप स्वीकार करेंगे
..
http://anandkdwivedi.blogspot.in/
ब्लॉग परिवार में मुझे शामिल करने का निवेदन कृपया स्वीकार करें ...
http://xitija.blogspot.in/
धन्यवाद... :)
आदरणीय
महोदय
मैंने नया ब्लॉग http://ujbakvani.blogspot.com शुरू किया है आपसे सादर निवेदन है की मेरे ब्लॉग को आपके अर्थात हमारे ब्लॉग परिवार में शामिल करने की कृपा करें.
धन्यवाद एवं आभार
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